
हमेशा औरतों को ही दोषी नहीं ठहराया जा सकता: Dhanashree Verma
मुंबई। क्रिकेटर युजवेंद्र चहल से तलाक के बाद डांसर-कोरियोग्राफर धनश्री वर्मा ने पहली बार चुप्पी तोड़ी है। हाल ही में दिए एक इंटरव्यू में धनश्री वर्मा ने न केवल रिश्ते टूटने पर अपनी बात रखी, बल्कि समाज के नजरिये और अपने डर के बारे में भी खुलकर चर्चा की। धनश्री ने बताया कि तलाक की खबरों के दौरान उन्हें सोशल मीडिया पर काफी ट्रोल किया गया। ज्यादातर लोग उन्हें ही जिम्मेदार ठहराने लगे और उनके कमेंट सेक्शन में नकारात्मक बातें लिखी जाने लगीं। इस पर उन्होंने कहा “लोगों को यह समझना चाहिए कि हमेशा औरतों को ही दोषी नहीं ठहराया जा सकता। शादी से पहले भी जब मैं यूट्यूब पर डांस वीडियो डालती थी, तब लोग कहते थे कि लड़की इतनी एनर्जी के साथ डांस क्यों करती है। ये लोग हमेशा किसी न किसी बात पर उंगली उठाते हैं।” उन्होंने आगे कहा कि ट्रोलिंग से कभी उन्हें फर्क पड़ता था, लेकिन हमेशा नहीं। असल में वह उन लोगों पर ध्यान देती हैं जो उन्हें सपोर्ट करते हैं। “मैं उन्हीं लोगों के लिए काम करती हूं जो सच में मुझे मानते हैं और मेरी मेहनत की कद्र करते हैं।” धनश्री ने तलाक के बाद अपने डर को भी साझा किया।
उन्होंने मजाकिया लहजे में कहा कि उन्हें भूत या अंधेरे से डर नहीं लगता, बल्कि इस बात का डर रहता है कि “कहीं सुबह उठते ही नया पॉडकास्ट सामने न आ जाए।” उनका इशारा उन लगातार चर्चाओं और चर्चित कंटेंट की ओर था, जिनमें उनका नाम खींचा जाता है। उन्होंने यह भी कहा कि “हर कहानी के दो पहलू होते हैं। सिर्फ इसलिए कि मैं चुप हूं, इसका मतलब यह नहीं कि दूसरों को बोलने का हक मिल जाता है। अब बस हो गया। जिंदगी के पन्नों को पलटना जरूरी है। पीछे के पन्नों में फंसे रहना बेकार है।” धनश्री ने खुद को ‘मैच्योर’ बताते हुए कहा कि वह कभी किसी पर उंगली उठाने या खुलकर बयानबाजी करने वाली शख्सियत नहीं हैं। “मैं खुद को ठीक करने की प्रक्रिया में हूं और चाहती हूं कि जिंदगी में आगे बढ़ते हुए बस अच्छा काम करती रहूं।”
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