लॉस एंजिल्स ओलंपिक पर हैं पहलवान Ravi Dahiya की नजरें
नई दिल्ली । ओलंपिक पदक विजेता पहलवान रवि कुमार दहिया ने कहा है कि उनका लक्ष्य लॉस एंजिल्स ओलंपिक में स्वर्ण पदक जीतता है और इसके लिए वह तैयारी भी कर रहे हैं। टोक्यों ओलंपिक के 57 किग्रा फ्रीस्टाइल वर्ग में रजत पदक विजेता रवि इसके बाद साल 2024 में पेरिस ओलंपिक में वह जगह नहीं बना पाये और इसी कारण अब वह अपना भार वर्ग बदलकर लॉस एंजिल्स ओलंपिक की तैयारी कर रहे हैं। रवि 57 किग्रा की जगह अब 65 किग्रा भार वर्ग में हिस्सा ले सकते हैं। उनसे देश को अगले ओलंपिक में स्वर्ण पदक की उम्मीद है। इस खिलाड़ी का कहना है कि वह रजत तक ही सीमित नहीं रह सकते हैं। उनका लक्ष्य स्वर्ण जीतना है। रवि को पहचान 2018 में अंडर-23 विश्व चैंपियनशिप में मिली। तब 57 किलोग्राम भार वर्ग में उन्होंने रजत पदक जीता था। वहीं साल 2019 में विश्व कुश्ती चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतकर उन्होंने टोक्यो ओलंपिक में अपनी जगह पक्की की थी। रवि एशियाई चैंपियनशिप में भी विजेता हैं। 2018, 2020, और 2021 में उन्होंने इसमे ंस्वर्ण पदक जीते थे।टोक्यो ओलंपिक के बाद उन्होंने साल 2022 में राष्ट्रमण्डल खेलों में भी दहिया ने स्वर्ण पदक जीता था।उनके पिता राकेश दहिया तो किसान हैं, लेकिन उनके चाचा मुकेश दहिया कुश्ती से जुड़े रहे हैं।
इस वजह से रवि को कुश्ती विरासत में मिली है, जिसे उन्होंने अपने प्रयासों से सफल बनाया है। रवि ने केवल 10 साल की उम्र में दिल्ली के छत्रसाल स्टेडियम में कुश्ती प्रशिक्षण के लिए दाखिला लिया। घर से दूर प्रशिक्षण के लिए पहुंचे रवि के लिए उनके पिता रोजाना 39 किलोमीटर की दूरी तय कर दिल्ली स्टेडियम में उनके लिए घर से ताजा दूध व फल लेकर वहां पहुंचते थे। यह प्रक्रिया रवि के एक बड़े पहलवान बनने तक जारी रही। ऐसे में रवि के पिता की साधना उन्हें पहलवान बनाने की दिशा में एक बड़ी प्रेरणा है। सतपाल सिंह की देखरेख में में रवि की कोचिंग शुरू हुई थी।
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