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  • Sunday, 18 October 2026
Sheetla Mata मंदिर के पास ट्रक हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत, 30 से ज्यादा घायल

Sheetla Mata मंदिर के पास ट्रक हादसे में 15 श्रद्धालुओं की मौत, 30 से ज्यादा घायल

ग्वालियर। मध्य प्रदेश के ग्वालियर में नवरात्रि के दौरान शीतला माता मंदिर जा रहे श्रद्धालुओं के बीच शनिवार देर रात एक दर्दनाक हादसा हो गया। चीनौर की ओर से आ रहा धान से लदा एक अनियंत्रित ट्रक बैरिकेडिंग तोड़ते हुए श्रद्धालुओं के बीच जा घुसा। हादसे में 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि 30 से अधिक लोग घायल बताए गए हैं। घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है।
ढलान पर बेकाबू हुआ ट्रक, मंदिर के गेट से टकराया
ग्वालियर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) धर्मवीर सिंह के मुताबिक, नवरात्रि के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए पहुंच रहे थे। इसी दौरान चीनौर की तरफ से आने वाली सड़क पर यह हादसा हुआ। इस मार्ग पर खड़ी ढलान होने के कारण भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित है।पुलिस अधिकारी ने बताया कि धान से भरा ट्रक पुलिस बैरिकेड्स तोड़कर अचानक अनियंत्रित हो गया। ढलान से नीचे आते समय ट्रक ने नियंत्रण खो दिया और मंदिर की बाहरी दीवार तथा गेट से जा टकराया। इस दौरान सड़क पर मौजूद कई श्रद्धालु ट्रक की चपेट में आ गए। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी भी घायल हुए हैं।
39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, कई की हालत गंभीर
एसएसपी धर्मवीर सिंह के अनुसार, हादसे के बाद अब तक 39 लोगों को अस्पताल पहुंचाया गया, जिनमें से 15 की मौत हो चुकी है। घायलों में पांच से छह लोगों की हालत गंभीर बताई गई है। गंभीर रूप से घायल कुछ लोगों को फ्रैक्चर भी हुए हैं, जबकि अन्य को मामूली चोटें आई हैं। ग्वालियर कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि घटना की जानकारी मिलते ही एंबुलेंस और अन्य राहत वाहनों को घटनास्थल पर भेजा गया। प्रशासन की ओर से घायलों को अस्पताल पहुंचाने और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने की व्यवस्था की गई। अधिकारियों के अनुसार, हादसे में करीब 29 लोगों के घायल होने की जानकारी सामने आई है।
प्रतिबंधित मार्ग पर ट्रक पहुंचने की जांच शुरू
प्रशासन के मुताबिक, नवरात्रि के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए संबंधित सड़क पर स्टॉपर लगाए गए थे और पुलिस चेक-पॉइंट भी बनाया गया था। इसके बावजूद भारी वाहन प्रतिबंधित मार्ग पर कैसे पहुंचा और बैरिकेडिंग तोड़कर मंदिर के पास तक कैसे आया, इसकी जांच की जा रही है।कलेक्टर रुचिका चौहान ने बताया कि ट्रक की तकनीकी स्थिति की जांच के लिए क्षेत्रीय परिवहन कार्यालय (आरटीओ) की टीम को मौके पर भेजा गया है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जाएगी कि हादसे के पीछे वाहन में तकनीकी खराबी, ब्रेक फेल होने या किसी अन्य कारण की भूमिका थी या नहीं।
प्रत्यक्षदर्शी ने बताया हादसे का मंजर
घटनास्थल पर मौजूद एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक, हादसा रात करीब एक बजे हुआ। उसने बताया कि ट्रक अचानक तेजी से आया और सड़क पर मौजूद लोगों के साथ कुछ दुकानों को भी अपनी चपेट में ले लिया। प्रत्यक्षदर्शी ने कहा कि उसने कुछ लोगों को मौके पर ही दम तोड़ते देखा। उसके भाई को भी इस हादसे में चोटें आई हैं। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, ट्रक में क्षमता से अधिक धान लदा हुआ था। हालांकि, वाहन में ओवरलोडिंग और हादसे के अन्य संभावित कारणों की आधिकारिक पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।
हादसे के बाद घटनास्थल पर मची अफरातफरी
दुर्घटना के बाद मंदिर के आसपास अफरातफरी का माहौल बन गया। स्थानीय लोगों और पुलिसकर्मियों ने घायलों की मदद की। राहत एवं बचाव कार्य के दौरान घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। हादसे के बाद अस्पताल में घायलों का इलाज जारी है। नवरात्रि के दौरान मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए इस दुर्घटना ने सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। जांच से जुड़े एक अधिकारी ने आशंका जताई कि ट्रक के ब्रेक फेल हुए होंगे. हालांकि, हादसे का वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट होगा. अधिकारी के अनुसार, चालक ने वाहन को बाईं ओर मोड़ने की कोशिश की. उनका कहना था कि ट्रक सीधे आगे बढ़ता तो 600 से 700 श्रद्धालु उसकी चपेट में आ सकते थे. पुलिस और प्रशासन हादसे के कारणों की जांच कर रहे हैं।
ग्वालियर में सड़क हादसे में पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने दुख जताया .
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के बाहर हुए भीषण सड़क हादसे के बाद देश भर से शोक संवेदना और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, राहुल गांधी और मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने श्रद्धालुओं की मौत पर दुख जताया है. पीएम मोदी ने मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की अनुग्रह राशि देने की घोषणा की है.
राष्ट्रपति मुर्मू और पीएम मोदी ने जताया दुख
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्वालियर में हुए सड़क हादसे में लोगों की मौत पर दुख व्यक्त किया है. उन्होंने शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना जताते हुए घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी सोशल मीडिया मंच एक्स पर हादसे पर दुख जताया. उन्होंने कहा कि ग्वालियर में हुए हादसे में लोगों की मौत की खबर से वह दुखी हैं. प्रधानमंत्री ने शोकाकुल परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की प्रार्थना की.
राहुल गांधी ने हादसे पर जताया दुख
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने में शीतला माता मंदिर के पास हुए भीषण सड़क हादसे पर दुख जताया है. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले श्रद्धालुओं के परिजनों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और घायलों के जल्द स्वस्थ होने की कामना की. राहुल गांधी ने कहा कि बेकाबू ट्रक की चपेट में आने से कई श्रद्धालुओं की मौत की खबर बेहद दुखद है. इस दुर्घटना में अपने प्रियजनों को खोने वाले परिवारों के प्रति उनकी गहरी संवेदनाएं हैं. उन्होंने कहा कि दुख की इस घड़ी में वह शोकाकुल परिवारों के साथ हैं और घायलों के शीघ्र स्वस्थ होने की आशा करते हैं.
सीएम मोहन यादव ने की आर्थिक सहायता की घोषणा
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हादसे को हृदयविदारक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार इस मुश्किल घड़ी में प्रभावित परिवारों के साथ खड़ी है. उन्होंने हादसे में जान गंवाने वाले प्रत्येक व्यक्ति के परिजनों को चार-चार लाख रुपये देने के निर्देश दिए हैं. इसके अलावा, गंभीर रूप से घायल लोगों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी. मुख्यमंत्री ने सभी घायलों का निशुल्क उपचार सुनिश्चित कराने के निर्देश भी दिए हैं. हादसे के बाद प्रभावित परिवारों और घायलों की स्थिति का जायजा लेने के लिए मुख्यमंत्री ने मंत्री ऐदल सिंह कंषाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचने के निर्देश दिए. प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर जिलों के रहने वाले बताए गए हैं.
कांग्रेस ने प्रशासनिक विफलता बताया, 50 लाख मुआवजे की मांग
ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के बाहर हुए हादसे को लेकर कांग्रेस ने प्रशासन की व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं. कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य अशोक सिंह ने हादसे को प्रशासनिक विफलता बताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए 50 लाख और घायलों के लिए 10 लाख रुपये के मुआवजे की मांग की है. उन्होंने इस घटना को प्रशासनिक विफलता बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कार्रवाई की मांग भी की. राज्यसभा सांसद ने हादसे की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि घटना के कारणों का पता लगाया जाना जरूरी है। जांच में जो भी दोषी पाए जाएं, उन्हें चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके।
हादसे के बाद यह सवाल उठ रहे हैं कि भारी वाहनों के प्रवेश पर रोक होने के बावजूद ट्रक प्रतिबंधित क्षेत्र तक कैसे पहुंचा.
मुख्यमंत्री मोहन यादव का एक्शन
भीषण सड़क हादसे पर मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने सख्त एक्शन लिया है. लापरवाही पर सीएसपी को तत्काल हटाने और 8 पुलिसकर्मियों को निलंबित करने के निर्देश दिए हैं. तीन थाना प्रभारी, एक यातायात निरीक्षक, एक प्रधान आरक्षक और तीन आरक्षक निलंबित किए गए हैं. मुख्यमंत्री ने घटना की विस्तृत जांच के भी आदेश दिए हैं. CM ने कहा कि जांच में जिम्मेदारी तय कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी.

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