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  • Tuesday, 03 February 2026
Brain Tumor से हर साल हो रही हैं 2 लाख मौतें

Brain Tumor से हर साल हो रही हैं 2 लाख मौतें

  • वैज्ञानिकों ने खोज निकाला इलाज का रास्ता

वॉशिंगटन। दुनिया में ब्रेन ट्यूमर से हर साल 2 लाख मौतें हो रही हैं। इस समस्या को कम करने वैज्ञानिकों ने दुनिया का पहला फिंगर-प्रिक टेस्ट विकसित किया है। वैज्ञानिकों के अनुसार, परियोजना का उद्देश्य एक सरल परीक्षण किट बनाना था, जिसका उपयोग मरीज घर पर कर सकते हैं। वैज्ञानिकों के मुताबिक, इस टेस्टिंग से गंभीर और शुरुआती ट्यूमर के बारे में पता चल जाएगा। वैज्ञानिकों के मुताबिक, अगर ब्रेन ट्यूमर शुरुआत में पता चल जाता है तो प्रारंभिक उपचार के बाद यह ठीक हो सकता है, हालांकि इसके बाद भी ट्यूमर वापस होने का अनुमान है, इसलिए आसान परीक्षण से इसके बारे में पता रखना गंभीर स्थिति में जाने से रोकने का काम करेगा।शोधकर्ताओं ने कहा कि नया परीक्षण बहुत आसान है। टेस्टिंग के दौरान बस उंगली पर अचानक चुभन होगी। यह परीक्षण एमआरआई स्कैन की आवश्यकता को कम करेगा। यह किट मरीजों के पैसे बचाएगी, यानी कोई मरीज महंगे विकल्प की ओर नहीं जाएगा।

इससे डॉक्टरों पर भी बोझ के कम होने की संभावना है। वैज्ञानिकों का मानना है कि इससे देश भर में हजारों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव आने की संभावना है। शोध का नेतृत्व नॉटिंघम ट्रेंट यूनिवर्सिटी की टीम द्वारा किया जा रहा है, जो मेडिकल रिसर्च काउंसिल द्वारा वित्त पोषित है और शेफील्ड विश्वविद्यालय के शोधकर्ताओं के साथ काम कर रही है। एनटीयू के प्रोफेसर फिलिप विल्सन ने कहा, “ब्रेन ट्यूमर ठीक तो हो जाता है, लेकिन दुर्भाग्य से, इसकी पुनरावृत्ति एक बड़ी समस्या है और कुछ बहुत जल्दी और आक्रामक तरीके से वापस आता है।” यदि आपने उपचार के 6 महीने बाद एमआरआई कराया है, तो उस समय तक, ट्यूमर संभावित रूप से वापस आ सकता है। उन्होंने कहा, ”ऐसी चिकित्सा तकनीक की कल्पना करना कठिन है, इसलिए मरीजों से इसके उपचार में देरी हो जाती है, जिस वजह से उनकी मौत तक हो जाती है। यह तकनीक उपयोग में आसान तरीके से घर पर मरीजों के लिए नियमित निगरानी प्रदान करेगी।”

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