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  • Monday, 05 October 2026
Kyiv में ड्रोन हमला, जर्मन चांसलर की मौजूदगी में दहला शहर!

Kyiv में ड्रोन हमला, जर्मन चांसलर की मौजूदगी में दहला शहर!

कीव। एक बार फिर युद्ध की भयावहता यूक्रेन की राजधानी कीव पर कहर बनकर टूटी है। रूस ने एक सोची-समझी रणनीति के तहत कीव के नॉर्दन ब्रिज को निशाना बनाकर हमला किया है, जिससे शहर में भारी तबाही मची है। यह हमला ऐसे समय में हुआ जब जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की से मिलने के लिए कीव में मौजूद थे, जिससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंता और तनाव का माहौल गहरा गया है। मॉस्को की ओर से किए गए इस बर्बर हमले में कीव के नॉर्दन ब्रिज को निशाना बनाया गया। चश्मदीदों के मुताबिक, ड्रोन पुल से आकर टकराया और भीषण विस्फोट के साथ आग की लपटों में घिर गया।

देखते ही देखते काले धुएं का एक विशाल गुबार आसमान में छा गया, जिसने शांतिपूर्ण सुबह को खौफनाक मंजर में बदल दिया। इस हमले का एक दिल दहला देने वाला वीडियो सोशल मीडिया पर जंगल की आग की तरह फैल रहा है, जिसमें ड्रोन के पुल से टकराते ही जोरदार धमाका और आग की भयावह लपटें साफ दिखाई दे रही हैं। दुर्भाग्य से, उस वक्त पुल पर कई कारें भी चल रही थीं, और इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों के घायल होने की खबर सामने आई है।यह हमला उस वक्त हुआ जब कीव में जर्मनी के चांसलर की मौजूदगी के कारण शहर में पहले से ही हाई अलर्ट था। उनकी सुरक्षा के मद्देनजर शहर में रेड सायरन बज रहे थे, तभी अचानक धमाकों की आवाजें गूँज उठीं और एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय हो गए। इस घटना ने एक बार फिर यूक्रेन पर रूसी हमलों की निर्ममता को उजागर किया है और पश्चिमी देशों के प्रतिनिधियों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए हैं।


यह दूसरा मौका है जब रूस ने नॉर्दन ब्रिज को निशाना बनाया है। इससे पहले, गुरुवार-शुक्रवार को कीव के साउदर्न ब्रिज पर भी 24 घंटे से भी कम समय में पाँच बार हमला किया गया था, जिससे राजधानी के सड़क यातायात पर गंभीर असर पड़ा। यूक्रेनी अधिकारियों का आरोप है कि रूस राजधानी के बुनियादी ढाँचे को निशाना बनाकर कीव को दो हिस्सों में बांटने की कोशिश कर रहा है। कीव नीपर नदी के किनारे बसा हुआ है और इन पुलों पर हमला करके रूस शहर के संपर्क को बाधित करने का प्रयास कर रहा है, जिससे आम नागरिकों के लिए जीवन यापन और भी मुश्किल हो जाएगा। रूस के रक्षा मंत्रालय ने नॉर्दन ब्रिज पर हमले की पुष्टि करते हुए दावा किया है कि इस पुल का उपयोग सैनिकों और सैन्य उपकरणों की आवाजाही के लिए होता था, इसलिए इसे निशाना बनाया गया। इसके अतिरिक्त, ओदेसा बंदरगाह की तरफ ले जाए जा रहे दो कार्गो जहाजों पर भी हमला किया गया है, जिससे काला सागर में व्यापारिक गतिविधियों और खाद्य आपूर्ति को लेकर वैश्विक चिंताएँ बढ़ गई हैं। यह हमला केवल एक पुल पर हमला नहीं, बल्कि यूक्रेन की जीवनरेखा को तोड़ने और उसके मनोबल को तोड़ने का एक क्रूर प्रयास है, जिसने एक बार फिर दुनिया को युद्ध की विनाशलीला का भयावह चेहरा दिखाया है।

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