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  • Monday, 28 September 2026
भारतीयों के लिए बढ़ेंगी मुश्किलें: एच-1बी वीजा पर America कसेगा शिकंजा

भारतीयों के लिए बढ़ेंगी मुश्किलें: एच-1बी वीजा पर America कसेगा शिकंजा

वॉशिंगटन। अमेरिका में नौकरी करने का सपना देखने वाले भारतीय आईटी पेशेवरों के लिए चिंता बढ़ा सकती है। ट्रंप प्रशासन एच-1बी वीजा को लेकर बड़ी तैयारी कर रहा है, जिसके तहत नियमों को और सख्त बनाया जाएगा और इसे पूरी तरह खत्म भी किया जा सकता है। अमेरिकी श्रम विभाग के इंस्पेक्टर जनरल एंथनी डीएस्पोसिटो ने हाल ही में चेतावनी दी है कि अगले 365 दिनों में एच-1बी वीजा व्यवस्था का स्वरूप पूरी तरह बदल जाएगा। उन्होंने धोखाधड़ी करने वाले एम्प्लॉयर्स के खिलाफ कड़ा कानूनी शिकंजा कसने के संकेत दिए हैं।एच-1बी वीजा प्रोग्राम पर किसी भी तरह की सख्ती का सीधा असर भारतीय नागरिकों पर पड़ेगा। अमेरिकी आईटी कंपनियों में काम करने वाले कुल एच-1बी वीजा धारकों में 70 प्रतिशत से अधिक भारतीय पेशेवर होते हैं। अगर अमेरिका इस प्रोग्राम को पूरी तरह बंद करता है या बेहद सख्त बनाता है, तो हजारों भारतीय टेक प्रोफेशनल्स, अमेरिका में पढ़ रहे छात्रों और वहां जाने की तैयारी कर रहे युवाओं के करियर को गहरा झटका लगेगा। पहले से अमेरिका में मौजूद भारतीयों के लिए भी वीजा रिन्यूअल और ग्रीन कार्ड की राह में नई रुकावटें खड़ी हो सकती हैं।

इंस्पेक्टर जनरल डीएस्पोसिटो ने एक इंटरव्यू में बताया कि जांच अधिकारियों ने वीजा के नाम पर धांधली और शेल कंपनियों के जरिए फर्जीवाड़े में शामिल लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज कर गिरफ्तारी की तैयारी की है। उन्होंने कहा, मुझे लगता है कि विदेशी श्रम वीजा प्रोग्राम आज से 365 दिनों के भीतर पूरी तरह से अलग नजर आएगा। अमेरिकी नागरिकों की नौकरियों को प्राथमिकता देने के लिए प्रोजेक्ट फायरवॉल लागू किया गया है, जिसका मुख्य उद्देश्य अमेरिकी कर्मचारियों के वेतन, अधिकारों और नौकरी के अवसरों की रक्षा करना है। ट्रंप प्रशासन ने श्रम, होमलैंड सिक्योरिटी और विदेश विभाग को निर्देश दिया है कि किसी भी कंपनी के एच-1बी आवेदन की समीक्षा करते समय यह जरूर जांचा जाए कि उस कंपनी ने हाल ही में उसी पद पर काम कर रहे अमेरिकी कर्मचारियों की छंटनी तो नहीं की है। इसके अतिरिक्त, अमेरिका ने एच-1बी वीजा श्रेणी के तहत कुछ विशेष वीजा धारकों के अमेरिका में प्रवेश पर लगी पाबंदी को 21 सितंबर 2027 तक बढ़ा दिया है। एच-1बी वीजा एक नॉन-इमीग्रेंट वीजा है, जिसके जरिए अमेरिकी कंपनियां आईटी और अन्य तकनीकी क्षेत्रों में विशेषज्ञता रखने वाले विदेशी कुशल कर्मचारियों को अपने यहां नौकरी देती हैं। अमेरिकी कानून के तहत हर वित्त वर्ष में केवल 65,000 नए एच-1बी वीजा जारी किए जाते हैं। वहीं अमेरिका के उच्च शिक्षण संस्थानों से मास्टर या पीएचडी की डिग्री हासिल करने वाले विदेशी छात्रों के लिए 20,000 अतिरिक्त कोटा तय होता है।

 

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