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  • Tuesday, 20 October 2026
'Satya Sanatan Swabhiman Yatra' का भव्य आगाज, सैकड़ों साधु-संतों के साथ उज्जैन से अयोध्या के लिए रवाना हुए Digvijaya Singh

'Satya Sanatan Swabhiman Yatra' का भव्य आगाज, सैकड़ों साधु-संतों के साथ उज्जैन से अयोध्या के लिए रवाना हुए Digvijaya Singh

उज्जैन। भगवान महाकाल की नगरी उज्जैन मंगलवार को भक्ति, आस्था और सनातन संस्कृति के रंग में रंगी नजर आई। वैदिक मंत्रोच्चार, भजन-कीर्तन और साधु-संतों के जयघोष के बीच पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह की सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा का भव्य आगाज हुआ। विजयादशमी के पावन अवसर पर शुरू हुई इस यात्रा में देशभर से आए सैकड़ों साधु-संत शामिल हुए हैं।

यात्रा में सबसे आगे साधु-संतों का जत्था चल रहा है। उज्जैन से शुरू हुई यह पदयात्रा करीब 930 किलोमीटर का सफर तय कर अयोध्या में भगवान श्रीराम के धाम पहुंचेगी। यात्रा के शुभारंभ से पहले दिग्विजय सिंह ने चिंतामन गणेश मंदिर पहुंचकर भगवान गणेश के दर्शन किए। इसके बाद महाकालेश्वर मंदिर में भगवान महाकाल का आशीर्वाद लिया और हरसिद्धि मंदिर में पूजा-अर्चना की। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ शुरू हुआ उनका दिन आगे चलकर भक्ति और आध्यात्मिक उत्साह के एक बड़े आयोजन में तब्दील हो गया।

नृसिंह घाट के समीप बालाजी गार्डन में यात्रा के शुभारंभ से पहले असंख्य पार्थिव शिवलिंग निर्माण एवं पूजन अनुष्ठान आयोजित भी किया गया। वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधि-विधान से पार्थिव शिवलिंगों का निर्माण और पूजन हुआ। इसके बाद भजन और आरती के आयोजन ने पूरे परिसर को भक्तिमय कर दिया। साधु-संतों ने भजनों पर उत्साहपूर्वक सहभागिता की और जयघोष के बीच आयोजन में आध्यात्मिक उल्लास का माहौल बना रहा।

सत्य सनातन स्वाभिमान यात्रा को लेकर संत समाज में भी उत्साह देखने को मिल रहा है। यात्रा शुरू होने से पहले ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और द्वारका शारदा पीठ के शंकराचार्य स्वामी सदानंद सरस्वती ने पत्र जारी कर अपना समर्थन और आशीर्वाद दिया। अग्निपीठाधीश्वर आचार्य महामंडलेश्वर ब्रह्मर्षि रामकृष्णानंद ने भी यात्रा का समर्थन किया है। अयोध्या के संत और राम मंदिर आंदोलन से जुड़े रहे संतोष दुबे ने भी इस पहल के प्रति समर्थन जताया है।

दिग्विजय सिंह ने इस यात्रा के माध्यम से सनातन धर्म के मूल्यों, सत्य और पारदर्शिता का संदेश जन-जन तक पहुंचाने का संकल्प लिया है। यात्रा के प्रमुख मुद्दों में धार्मिक स्थलों पर चढ़ावे और दान की व्यवस्था में पारदर्शिता, चंदा चोरी के मामलों की निष्पक्ष जांच और वोट चोरी के मुद्दे पर जनजागरण शामिल हैं। उज्जैन से अयोध्या तक का यह सफर धार्मिक आस्था के साथ सत्य, न्याय और जवाबदेही के सवालों को भी समाज के बीच ले जाने की पहल है।

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