Lok Sabha Election-2029 की बहस के बीच टीवीके इंडिया गठबंधन में शामिल! विजय की पीएम उम्मीदवारी पर संशय
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी जोसेफ विजय की पार्टी, तमिलागा वेत्री कझगम (टीवीके), औपचारिक रूप से इंडिया गठबंधन का हिस्सा बन गई है। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब देश में लोकसभा चुनाव 2029 के लिए प्रधानमंत्री पद के चेहरे और तीसरे मोर्चे की संभावनाओं को लेकर गहन बहस जारी है। हालांकि, संसद में फिलहाल टीवीके का कोई प्रतिनिधित्व न होने के कारण, इस गठबंधन का प्रभाव दिल्ली तक अभी सीमित है। कांग्रेस के तमिलनाडु प्रमुख बी मणिकम टैगोर ने टीवीके के इस फैसले को ऐतिहासिक करार दिया है। उन्होंने कहा कि इससे राज्य में विपक्षी मोर्चा और अधिक मजबूत होगा, जिससे आरएसएस-भाजपा सरकार, विशेषकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ राजनीतिक मुकाबला और प्रभावी ढंग से लड़ा जा सकेगा।
विजय के इस निर्णय को लेकर राजनीतिक गलियारों में कई तरह की अटकलें हैं। एक पहलू इसे राजनीतिक मजबूरी से जोड़कर देखा जा रहा है। दरअसल, पिछले तमिलनाडु विधानसभा चुनाव में टीवीके सबसे बड़ा दल बनकर उभरा था, लेकिन उसे केवल 108 सीटें ही मिली थीं। सरकार बनाने के लिए उसे कम से कम 10 और सीटों की आवश्यकता थी। ऐसे में कांग्रेस और लेफ्ट पार्टियों ने टीवीके का साथ दिया, और वीसीके व आईयूएमएल जैसे दलों के समर्थन से पार्टी राज्य की सत्ता तक पहुंच पाई। वहीं, इस फैसले को रणनीतिक आवश्यकता के रूप में भी देखा जा रहा है। पहली बात तो यह कि जिस गठबंधन के साथ टीवीके राज्य में सरकार चला रहा है, गठबंधन का ढांचा भी काफी हद तक वैसा ही है। दूसरा, यह कदम टीवीके को लोकसभा चुनाव 2029 में सीटों की मजबूत दावेदारी पेश करने का अवसर देगा, जिससे उसे राष्ट्रीय स्तर पर किसी नए गठबंधन की तलाश या गठन से मुक्ति मिलेगी।
शनिवार को हुई इस महत्वपूर्ण बैठक में कांग्रेस, टीवीके, मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी, भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी, वीसीके, एमडीएमके और आईयूएमएल के शीर्ष नेता शामिल हुए। टीवीके का प्रतिनिधित्व अधव अर्जुन और मारी विल्सन ने किया। टीवीके पहले मजबूती से सी जोसेफ विजय को प्रधानमंत्री पद के अगले चेहरे के तौर पर पेश कर रही थी, जिसके चलते कांग्रेस के साथ उसकी तीखी बयानबाजी भी हुई थी। अर्जुन ने कहा था, मैं आज साफ तौर पर कहता हूं कि प्रधानमंत्री दक्षिण से ही आना चाहिए और दक्षिण से ही प्रधानमंत्री बनेगा, हो सकता है अभी नहीं। भविष्य में वह हर भारतीय का प्रतिनिधित्व करेगा और हर भारतीय के साथ समान व्यवहार करेगा। अब गठबंधन में शामिल होने के बाद विजय की प्रधानमंत्री उम्मीदवारी को लेकर नए सिरे से बहस शुरू हो सकती है।हाल ही में ऐसी खबरें भी आई थीं कि द्रविड़ मुन्नेत्र कझगम सांसद कनिमोई कांग्रेस के बिना तीसरे मोर्चे के लिए क्षेत्रीय दलों को एकजुट करने का प्रयास कर रही हैं। इस संबंध में उन्होंने पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से भी मुलाकात की थी, हालांकि इस पर कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई थी।
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