देश थक चुका है, लेकिन झुकेगा नहीं, यह लड़ाई जमीन की नहीं अस्तित्व की है: Zelensky
कीव। रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की ने साफ कहा है कि देश थक चुका है, लेकिन झुकेगा नहीं। उन्होंने कहा कि अगर यूक्रेन ने रूस की शर्तें मान लीं तो इसका मतलब होगा कि देश अपनी संप्रभुता खो देगा। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक एक इंटरव्यू में जेलेंस्की ने माना कि लगातार युद्ध से आम लोग और सैनिक थक चुके हैं। उन्होंने कहा कि यह लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं, बल्कि देश के अस्तित्व की है। मैदान की स्थिति पर बात करते हुए जेलेंस्की ने कहा कि मौजूदा मोर्चों पर युद्ध को ‘फ्रीज’ करने पर विचार किया जा सकता है, लेकिन डोनेत्स्क जैसे इलाकों से सेना हटाने का सवाल ही नहीं उठता। उन्होंने कहा कि हम बच्चे नहीं हैं कि प्लेट में देश सजाकर दे दें। उन्होंने यह भी कहा कि जिन इलाकों में लाखों लोग रहते हैं, उनके भविष्य की जिम्मेदारी यूक्रेन की है। उन्होंने कहा कि अगर हम उसे सब कुछ दे दें जो वह चाहता है, तो हम सब कुछ खो देंगे। लोग या तो भागने को मजबूर होंगे या रूसी बन जाएंगे। रिपोर्ट के मुताबिक रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन पर निशाना साधते हुए जेलेंस्की ने कहा कि यह एक व्यक्ति की जिद का युद्ध है।
उन्होंने कहा कि पुतिन ही युद्ध है यह सब उन्हीं के बारे में है।’ उन्होंने अमेरिका और खासतौर पर राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से ज्यादा दबाव बनाने की अपील की। जब उनसे पूछा गया कि क्या ट्रंप रूस पर पर्याप्त दबाव डाल रहे हैं, तो उन्होंने सीधा जवाब दिया- ‘नहीं।’ जेलेंस्की ने कहा कि शांति वार्ताओं में अब तक कोई ठोस नतीजा नहीं निकला है। सबसे बड़ा मुद्दा सुरक्षा गारंटी का है। उनका कहना है कि यूक्रेन को साफ जवाब चाहिए कि अगर रूस दोबारा हमला करता है तो उसके सहयोगी देश क्या करेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि अमेरिका एक साथ शांति समझौते और सुरक्षा गारंटी पर हस्ताक्षर चाहता है, लेकिन कीव चाहता है कि पहले मजबूत और कानूनी रूप से बाध्यकारी सुरक्षा गारंटी तय हो। यूक्रेन की मांग है कि अमेरिकी कांग्रेस से मंजूरी लेकर स्पष्ट आश्वासन दिया जाए।
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