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Italy में घटती जन्मदर बनी चिंता का कारण

Italy में घटती जन्मदर बनी चिंता का कारण

रोम। इटली इन दिनों एक बड़े सामाजिक और जनसांख्यिकीय बदलाव के कारण चर्चा में है। यहां पालतू जानवरों की संख्या बच्चों से कई गुना अधिक हो गई है। विशेषज्ञों की माने तो यह केवल जीवनशैली में बदलाव का संकेत नहीं, बल्कि घटती जन्मदर और बदलती पारिवारिक प्राथमिकताओं का भी स्पष्ट प्रमाण है। यही कारण है कि यह स्थिति सरकार, समाजशास्त्रियों और जनसंख्या विशेषज्ञों के लिए चिंता का विषय बनती जा रही है। इटली के पालतू पशु उद्योग संगठन अस्साल्को के अनुमान के अनुसार, देश में लगभग 5.36 करोड़ पालतू जानवर हैं। इनमें करीब 2.5 करोड़ मछलियां, लगभग 1.1 करोड़ बिल्लियां और 91 लाख कुत्ते शामिल हैं। इसके अलावा पक्षियों, खरगोशों और अन्य छोटे पालतू जीवों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। इसके विपरीत, देश में 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चों की संख्या केवल लगभग 76 लाख रह गई है। यह अंतर दर्शाता है कि इटली में पारिवारिक ढांचे और सामाजिक प्राथमिकताओं में तेजी से बदलाव आ रहा है। आंकड़ों के अनुसार, इटली में हर वर्ष जन्म लेने वाले बच्चों की संख्या घटकर लगभग 3.93 लाख रह गई है, जो हाल के वर्षों का सबसे निचला स्तर माना जा रहा है। देश की कुल प्रजनन दर भी घटकर प्रति महिला लगभग 1.18 बच्चे रह गई है, जबकि किसी भी देश की जनसंख्या को स्थिर बनाए रखने के लिए यह दर करीब 2.1 होनी चाहिए। इतनी कम जन्मदर भविष्य में आबादी घटने और बुजुर्गों की संख्या बढ़ने जैसी चुनौतियों का संकेत देती है।


विशेषज्ञों का कहना है कि आर्थिक अनिश्चितता, महंगे मकान, बढ़ती महंगाई और रोजगार की अस्थिरता के कारण बड़ी संख्या में युवा विवाह और माता-पिता बनने का निर्णय टाल रहे हैं। इसके साथ ही आधुनिक जीवनशैली, करियर पर बढ़ता ध्यान, व्यक्तिगत स्वतंत्रता और यात्रा जैसी प्राथमिकताएं भी परिवार बढ़ाने के फैसले को प्रभावित कर रही हैं। इसी बीच, इटली में पालतू जानवरों को परिवार का हिस्सा मानने की प्रवृत्ति तेजी से बढ़ी है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 54.5 प्रतिशत परिवारों के पास कम से कम एक पालतू जानवर है।

 

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