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  • Tuesday, 03 February 2026
फिर ट्रंप पर भड़के Elon Musk ने दिए तीसरी पार्टी बनाने के संकेत, शुरु हुई बयानबाजी

फिर ट्रंप पर भड़के Elon Musk ने दिए तीसरी पार्टी बनाने के संकेत, शुरु हुई बयानबाजी

वाशिंगटन। कभी अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप के करीबी सहयोगी रहे टेस्ला के सीईओ और अरबपति एलन मस्क के बीच एक बार फिर तीखी नोकझोंक देखने को मिल रही है। मस्क ने हाल ही में ट्रंप के इस बिल की आलोचना करते हुए इसे आर्थिक रूप से आत्मघाती और पुराने उद्योगों को बढ़ावा देने वाला बताया। दूसरी ओर, ट्रंप ने मस्क पर पलटवार करते हुए कहा कि मस्क को मिलने वाली इलेक्ट्रिक वाहन सब्सिडी को खत्म किया जा सकता है, और बिना सरकारी मदद के उनकी कंपनियां बंद हो सकती हैं। ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा, एलन को लंबे समय से पता था कि मैं इलेक्ट्रिक वाहन जनादेश के खिलाफ हूं। बिना सब्सिडी के उन्हें शायद दुकान बंद कर साउथ अफ्रीका लौटना पड़ सकता है। 4 जुलाई को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर मस्क ने एक्स पर एक पोल शुरू किया, जिसमें उन्होंने पूछा, क्या हमें दो दलों (कुछ लोग इसे यूनिपार्टी कहते हैं) के सिस्टम से आजादी चाहिए? क्या हमें अमेरिका पार्टी बनानी चाहिए? इस पोल ने अमेरिकी जनता और राजनीतिक विश्लेषकों के बीच एक नई बहस को जन्म दिया है।

इस दौरान एक यूजर ने लिखा, एलन द्वारा तीसरी पार्टी शुरू करना टेस्ला और स्पेसएक्स के समान है। सफलता की संभावना कम है, लेकिन यदि सफल रहा तो यह खेल को पूरी तरह से बदल देगा। इस पर एलन मस्क ने प्रतिक्रिया देते हुए इसे 100 फीसदी सही बताया। मस्क ने अपने सोशल मीडिया मंच एक्स पर 1 जुलाई को लिखा, यदि यह पागलपन भरा खर्च बिल पास होता है, तो अगले ही दिन अमेरिका पार्टी का गठन कर दिया जाएगा। हमारे देश को डेमोक्रेट-रिपब्लिकन यूनिपार्टी से एक विकल्प चाहिए ताकि लोगों की आवाज वास्तव में सुनी जाए। उन्होंने इस बिल को पोर्की पिग पार्टी की संज्ञा दी, जिसका मतलब है कि यह बिल अनावश्यक सरकारी खर्च को बढ़ावा देता है। मस्क ने यह भी धमकी दी कि जो रिपब्लिकन सांसद इस बिल का समर्थन करेंगे, उनके खिलाफ वह अगले साल प्राइमरी चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारेंगे। अमेरिका में कोई भी तीसरी पार्टी बना सकता है, और अमेरिका में कई छोटी पार्टियां जैसे लिबरटेरियन पार्टी, ग्रीन पार्टी, और अन्य मौजूद हैं। लेकिन तीसरी पार्टी का प्रभावी होना बहुत मुश्किल है क्योंकि: अमेरिका में विजेता-सब कुछ लेता है प्रणाली है, जो दो-पक्षीय प्रणाली को बढ़ावा देती है। आनुपातिक प्रतिनिधित्व की कमी के कारण छोटी पार्टियों को जीतना मुश्किल होता है।

प्रत्येक राज्य में मतपत्र पर जगह पाने के लिए कठिन नियम हैं, जैसे हस्ताक्षर जुटाना, जो छोटी पार्टियों के लिए महंगा और समय लेने वाला है। इसके अलावा, डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टियों के पास विशाल धन, संगठन और स्थापित समर्थन आधार है, जिसका मुकाबला करना नई पार्टी के लिए चुनौतीपूर्ण है। कई मतदाता तीसरी पार्टी को वोट देने से हिचकते हैं, क्योंकि इसे वोट बर्बाद करना माना जाता है, खासकर जब वे किसी प्रमुख पार्टी के करीब होते हैं। मस्क का तीसरी पार्टी बनाने का विचार नया नहीं है, लेकिन इसे लागू करना बेहद चुनौतीपूर्ण है। अमेरिका का दो दलीय सिस्टम लंबे समय से राजनीति पर हावी रहा है, और इतिहास में तीसरी पार्टी के सफल होने के उदाहरण दुर्लभ हैं। 1992 में रॉस पेरोट की रिफॉर्म पार्टी ने 19 प्रतिशत वोट हासिल किए थे, लेकिन वह एक भी राज्य नहीं जीत सकी। विश्लेषकों का मानना है कि मस्क की प्रस्तावित अमेरिका पार्टी को सफल होने के लिए भारी संसाधनों और संगठनात्मक ढांचे की जरूरत होगी। फिर भी, एक हालिया सर्वे में पाया गया कि करीब 40 प्रतिशत अमेरिकी मस्क की तीसरी पार्टी का समर्थन कर सकते हैं, जो मौजूदा डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दलों के प्रति बढ़ते असंतोष को दर्शाता है। अमेरिका में दो प्रमुख पार्टियां डेमोक्रेटिक पार्टी और रिपब्लिकन पार्टी का प्रभुत्व है। ये दोनों पार्टियां दशकों से देश की राजनीति पर हावी रही हैं और अधिकांश मतदाताओं, संसाधनों और मीडिया का ध्यान इन्हीं पर केंद्रित रहता है।

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