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  • Sunday, 18 January 2026
Greenland को लेकर ट्रम्प की खुली धमकी, सहयोग नहीं किया तो लगा देंगे भारी टैरिफ

Greenland को लेकर ट्रम्प की खुली धमकी, सहयोग नहीं किया तो लगा देंगे भारी टैरिफ

कनाडा बोला– हर हाल में हम ग्रीनलैंड के साथ खड़े रहेंगे

वॉशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को अमेरिका में शामिल करने के मुद्दे पर दूसरे देशों को खुली धमकी दी है। ट्रम्प ने कहा, कि यदि किसी देश ने ग्रीनलैंड पर अमेरिकी योजना का विरोध किया या सहयोग नहीं किया, तो अमेरिका उस पर टैरिफ लगाएगा। यह बयान शुक्रवार को व्हाइट हाउस में एक बैठक के दौरान दिया गया। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रम्प ने हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया कि किन देशों पर टैरिफ लगाया जाएगा और इसके लिए वह किस कानूनी प्रावधान का इस्तेमाल करेंगे। ट्रम्प के इस आक्रामक रुख के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल तेज हो गई है। व्हाइट हाउस ने ट्रम्प की एक तस्वीर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की, जिसके कैप्शन में लिखा गया— मिस्टर टैरिफ। ट्रम्प के बयान पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कनाडा के प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने कहा कि ग्रीनलैंड के मालिकाना हक का फैसला अमेरिकी राष्ट्रपति नहीं कर सकते। उन्होंने कहा, ग्रीनलैंड एक नाटो देश के दायरे में आता है और हमारी जिम्मेदारी वहां के लोगों के प्रति बनी हुई है। कनाडा हर हाल में ग्रीनलैंड के साथ खड़ा रहेगा। ट्रम्प ने ग्रीनलैंड को अमेरिका के महत्वाकांक्षी ‘गोल्डन डोम’ डिफेंस प्रोजेक्ट के लिए भी जरूरी बताया। गोल्डन डोम अमेरिका का एक बड़ा मिसाइल डिफेंस सिस्टम है, जो इजराइल के आयरन डोम से प्रेरित है। इसका उद्देश्य चीन और रूस जैसे देशों से संभावित मिसाइल खतरों से अमेरिका को सुरक्षित करना है।

ट्रम्प का कहना है कि यदि अमेरिका का ग्रीनलैंड पर नियंत्रण नहीं रहा, तो रूस या चीन वहां अपना प्रभाव बढ़ा सकते हैं, जो किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस मुद्दे पर अमेरिका नाटो सहयोगियों से बातचीत कर रहा है और पहले भी नाटो से अमेरिकी रुख का समर्थन करने की मांग कर चुका है। इसी बीच, ट्रम्प के बयान के समय अमेरिकी संसद का एक द्विदलीय प्रतिनिधिमंडल ग्रीनलैंड के दौरे पर मौजूद था। 11 सदस्यीय इस टीम का नेतृत्व डेमोक्रेट सीनेटर क्रिस कून्स कर रहे हैं, जबकि रिपब्लिकन सीनेटर थॉम टिलिस और लिसा मर्कोव्स्की भी इसमें शामिल हैं। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रीनलैंड के सांसदों, डेनमार्क की प्रधानमंत्री मेटे फ्रेडरिक्सन और ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स-फ्रेडरिक नीलसन से मुलाकात की। सीनेटर कून्स ने कहा कि प्रतिनिधिमंडल का उद्देश्य स्थानीय लोगों की राय सुनना और वॉशिंगटन में बढ़ते तनाव को कम करना है। वहीं ग्रीनलैंड की सांसद आजा चेमनित्ज ने कहा कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय मित्रों और सहयोगियों के समर्थन की जरूरत है। उन्होंने आरोप लगाया कि अमेरिका 2019 से ग्रीनलैंड पर दबाव बना रहा है और यह संघर्ष अभी खत्म होने वाला नहीं है।

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