Tamil Nadu में टीवीके की अनूठी राजनीति: राहुल पर चुप्पी साधकर मोदी संग मेट्रो में सफर करते रहे सीएम विजय
चेन्नई। तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने अपनी राजनीति को केंद्र सरकार और चुनाव आयोग से जुड़े राजनीतिक विवादों से लगातार दूर रखा है। हाल ही में दिल्ली में राहुल गांधी की हिरासत को लेकर विपक्षी दलों के तीव्र विरोध के बावजूद, उनकी चुप्पी ने ध्यान आकर्षित किया। इस घटना के महज दो दिन बाद, मुख्यमंत्री विजय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ मेट्रो में सफर करते और मंदिर दर्शन करते नजर आए, जो उनकी संतुलित राजनीतिक रणनीति का स्पष्ट संकेत है।दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग को लेकर मार्च के दौरान राहुल गांधी को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। इस पर विपक्षी दलों ने केंद्र सरकार के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की, लेकिन तमिलनाडु में सत्ताधारी गठबंधन में कांग्रेस की सहयोगी होने के बावजूद, मुख्यमंत्री विजय ने इस मुद्दे पर एक शब्द भी नहीं कहा।
प्रधानमंत्री मोदी रविवार को चेन्नई दौरे पर थे। मुख्यमंत्री विजय ने एयरपोर्ट पर पहुंचकर उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। दिलचस्प बात यह है कि इससे ठीक एक दिन पहले, राहुल गांधी भी चेन्नई पहुंचे थे और मुख्यमंत्री विजय ने अपने आवास पर उनका स्वागत व दोपहर के भोजन का आयोजन किया था। 24 घंटे के भीतर ही प्रधानमंत्री मोदी का चेन्नई पहुंचना और मुख्यमंत्री विजय द्वारा उनका गर्मजोशी से स्वागत करना, कई राजनीतिक कयासों को जन्म दे गया।मेट्रो प्रोजेक्ट के उद्घाटन के बाद, दोनों नेता आईआईटी मद्रास भी गए, जहां उनके साथ सीएम विजय भी मौजूद थे। इसके बाद वे जलकंडेश्वरार मंदिर में भी साथ दिखे। आधिकारिक कार्यक्रमों में प्रधानमंत्री के साथ विजय का शामिल होना सामान्य है, लेकिन मंदिर में उनकी मौजूदगी ने सियासी गलियारों में विशेष चर्चा छेड़ दी है। इसे प्रोटोकॉल से हटकर देखा जा रहा है, खासकर तब जब विजय विपक्षी दलों के साथ गठबंधन में हैं। ऐसे में प्रधानमंत्री के साथ मंदिर जाने के कई राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं।
शुक्रवार को राहुल गांधी के चेन्नई पहुंचने पर भी मुख्यमंत्री विजय का कार्यक्रम शुरू में स्पष्ट नहीं था। यह भी पता नहीं था कि राहुल गांधी का उनके साथ दोपहर का भोजन होगा या नहीं। कांग्रेस के हलकों में भी यह माना गया कि यदि मुख्यमंत्री विजय स्वयं आगे नहीं बढ़ते, तो उन पर दबाव डालना उचित नहीं होगा। अंततः, विजय ने राहुल गांधी को अपने घर पर आमंत्रित किया और उनके साथ दोपहर का भोजन किया। इस पूरे घटनाक्रम पर जानकारों का मानना है कि मुख्यमंत्री विजय अनावश्यक राजनीतिक बयानबाजी या विवाद में पड़े अपना काम करना चाहते हैं। उनका उद्देश्य राज्य के विकास के लिए केंद्र सरकार से बेहतर तालमेल बनाए रखना है, साथ ही अपनी सरकार को स्थिर रखने के लिए गठबंधन सहयोगियों के साथ भी सामंजस्य स्थापित करना है। इसी कारण विजय ने न तो राहुल गांधी की अनदेखी की और न ही प्रधानमंत्री मोदी के साथ सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने से इनकार किया, बल्कि दोनों के साथ एक संतुलन बनाए रखा।
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