सत्ता का मोह नहीं त्याग पा रहे Yunus इसलिए बांग्लादेश में चुनाव नहीं हो पा रहे
गृह युद्ध के बाद सीरिया ने कर दिया सितंबर में आम चुनाव का ऐलान
ढाका। बांग्लादेश में आमचुनाव की वाट सभी जोह रहे हैं, लेकिन मोहम्मद यूनुस को सत्ता का नशा ऐसा चढ़ा है कि वो चुनाव घोषित ही नहीं कर रहे हैं, जबकि सीरिया में चुनाव की घोषणा हो गई है। यह चुनाव सितम्बर में होने की संभावना है। पीपुल्स असेंबली चुनाव की हायर कमेटी के अध्यक्ष मोहम्मद ताहा अल-अहमद ने बताया कि चुनाव 15 से 20 सितंबर के बीच होंगे। ये चुनाव सीरिया में पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के पतन के करीब आठ महीने बाद होने जा रहे हैं। समान परिस्थिति बांग्लादेश की भी है। यहां शेख हसीना के सत्ता से बेदखल और मोहम्मद यूनुस के अंतरिम सरकार के सलाहकार बने एक साल के करीब हो गए हैं लेकिन यूनुस को सत्ता की मोह ऐसी लगी कि राजनीतिक दलों की मांग के बावजूद भी चुनाव कराने के लिए राजी नहीं हैं। बांग्लादेश में शेख हसीना सरकार के पतन के एक साल के करीब हो गए हैं। उतने ही दिन से यूनुस देश के सर्वेसर्वा बने हैं1 बिना सरकार के काफी समय गुजरने के बाद बांग्लादेश में आम चुनाव की मांग उठ रही है। शेख हसीना की पार्टी आवामी लीग हो या खलिदा जिया कि बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी हो या फिर सेना सभी ने आम चुनाव की मांग की है। मोहम्मद यूनुस चुनाव कराने से इनकार कर रहे हैं। उनका कहना है कि बांग्लादेश में स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव से पहले व्यापक सुधार जरूरी है। इनमें चुनाव आयोग, न्यायपालिका, पुलिस और प्रशासन में सुधार जरूरी है, ताकि शेख हसीना के शासन की भ्रष्टाचार और दमनकारी नीतियों को खत्म किया जा सके। वह चुनाव को लेकर सेना से भी टकरा चुके हैं।
रिपोर्ट के मुताबिक ऐसा दावा किया जा रहा है कि बांग्लादेश में इस साल के अंत-अंत तक या फिर अगले साल की शुरुआत तक चुनावी प्रक्रिया शुरू की जाएगी। इधर, गृहयुद्ध से जूझ रहे सीरिया में सत्ता परिवर्तन के कुछ दिनों के बाद ही चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। सीरिया के राष्ट्रपति अहमद अल-शरा ने कहा कि इस साल मध्य सितंबर तक चुनावी प्रक्रिया संपन्न हो जाएगी। पूर्व राष्ट्रपति बशर अल-असद के पतन के बाद देश के नए सरकार के अधीन होने वाला ये पहला प्रयास होगा। 210 सीटों पर चुनाव होना हैं। इसमें से एक तिहाई सीटों यानी 70 सीटों पर नियुक्ति अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरा द्वारा की जाएगी। शेष सीटों पर चुनाव कराया जाएगा। एक इंटरव्यू में चुनाव समिति के एक सदस्य ने बताया निर्वाचित सीटों के लिए मतदान करने के लिए सीरिया के प्रत्येक प्रांत में एक निर्वाचक मंडल स्थापित किया जाएगा। सीरिया में आम चुनावों की घोषणा ऐसे समय में हुई है जब इस महीने की शुरुआत में सीरिया के दक्षिणी प्रांत सुवेदा में सांप्रदायिक हिंसा भड़क गई थी। इसका प्रभाव दमिश्क में नए अधिकारियों पर भी दिखा। इस हिंसा में लड़ाई में सैकड़ों लोग मारे गए। सीरिया के युद्धोत्तर नाजुक संक्रमण के सामने खतरा पैदा हो गया।
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