छह साल बाद Yuvraj ने संन्यास के कारणों का खुलासा किया
समर्थन और सम्मान नहीं मिलने से आहत थे
नई दिल्ली। दिग्गज ऑलराउंडर और 2011 विश्वकप जीत के हीरो रहे युवराज सिंह का दर्द आंखिर फूट पड़ा है। साल 2019 में अचानक ही खेल को अलविदा कहने वाले युवराज ने अब छह साल बाद खुलासा किया है। इस स्टार क्रिकेटर ने कहा था कि उन्हें न किसी का सहयोग मिला और न ही सम्मान। ऐसे में उनके पास संन्यास के अलावा कोई और रास्ता नहीं था। को चौंका दिया था। साल 2019 में उन्हें विश्वकप के लिए टीम में जगह नहीं मिली थी, जिसके बाद उन्होंने आईपीएल और अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट ही खेलना छोड़ दिया था। युवराज ने कहा कि कि वह क्रिकेट खेलते हुए खुश नहीं थे। पूर्व भारतीय खिलाड़ी सानिया मिर्जा के साथ बातचीत के दौरान युवराज ने कहा कि उनके अंदर खेल को लेकर उत्साह समाप्त हो गया था। इसका कारण ये था कि उन्हें वह सम्मान नहीं मिला जो सीनियर खिलाड़ी को मिलना चाहिये था। युवराज ने कहा, “मुझे अपने खेल में आनंद नहीं आ रहा था। मेरे मन में बार-बार सवाल उठता था कि जब क्रिकेट खेलने में खुशी ही नहीं है, तो मैं इसे क्यों खेल रहा हूं? मुझे लग रहा था कि न तो टीम का साथ मिल रहा है और न ही सम्मान। जब ये दोनों चीजें नहीं हों, तो खेलने से क्या लाभ होगा।” तब वह अपने से ही यह पूछने लगे थे कि आखिर वह किसे और क्या साबित करना चाहते हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि यह दौर उनके लिए मानसिक और शारीरिक रूप से बेहद थकाने वाला था। युवराज के मुताबिक, “अंदर ही अंदर यह सब मुझे तोड़ रहा था।
जिस दिन मैंने क्रिकेट छोड़ने का फैसला किया, उसी दिन मुझे फिर से अच्छा महसूस हुआ।” युवराज ने इस दौरान कहा कि एक बार बचपन में भी उनकी प्रतिभा पर सवाल उठाए गए थे। उन्होंने कहा कि अब पीछे मुड़कर देखने पर लगता है कि उस समय शायद किसी के पास उन्हें ठीक से देखने और समझने का समय ही नहीं था। युवराज ने बताया कि वह तब सिर्फ 13-14 साल के थे और खेल को समझ ही रहे थे। हालांकि उन्होंने इसे दिल पर नहीं लिया, लेकिन उनके पिता के लिए वह अनुभव काफी तकलीफदेह रहा। युवराज भारत के सबसे बड़े मैच विजेता रहे हैं। उन्होंने कई अवसरों पर अपने बल पर टीम इंडिया को जीत दिलाई है। युवराज ने भारत की ओर से 304 एकदिवीसय मैचों में 8701 रन बनाए, जिसमें 14 शतक और 52 अर्धशतक शामिल हैं। इसके अलावा उन्होंने इस फॉर्मेट में 111 विकेट भी झटके। टेस्ट क्रिकेट में 40 मैचों में उनके नाम 1900 रन और 9 विकेट दर्ज हैं, जबकि 58 टी20 इंटरनेशनल मैचों में उन्होंने 1100 से ज्यादा रन बनाए और 28 विकेट हासिल किए।
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