Coal mine में विस्फोट से अब तक 18 की मौत, कई मलबे में दबे, बचाव कार्य जारी
राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री ने जताया दु:ख, मृतकों के परिवारों को सहायता की घोषणा
शिलांग। मेघालय के ईस्ट जयंतिया हिल्स जिले में गुरुवार को कोयला खदान में विस्फोट ने पूरे देश को हिला दिया। अवैध रूप से संचालित इस खदान में अचानक हुए धमाके के बाद चीख-पुकार मच गई। मजदूरों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। विस्फोट इतना भीषण था कि कई मजदूर अंदर ही फंस गए। राहत और बचाव टीमें मौके पर पहुंची। भारी मशक्कत के बाद 18 मजदूरों के शव निकाले जा चुके हैं, कई लोगों के अब भी मलबे में दबे होने की आशंका है। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक इस दर्दनाक हादसे ने खदानों में सुरक्षा व्यवस्था और अवैध खनन के मुद्दे को फिर से चर्चा में ला दिया है। हादसे की खबर मिलते ही राज्य सरकार और केंद्र सरकार दोनों सक्रिय हो गईं। पीएम मोदी ने हादसे पर गहरा शोक जताते हुए मृतकों के परिजनों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया। वहीं मेघालय के सीएम कॉनराड संगमा ने घटना की उच्चस्तरीय जांच के आदेश दिए हैं। प्रशासन का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और अवैध खनन को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। रिपोर्ट के मुताबिक शुरआती जांच में सामने आया है कि यह खदान अवैध रूप से संचालित की जा रही थी। पुलिस के मुताबिक विस्फोट खदान के अंदर हुआ, जिससे मजदूरों को बाहर निकलने का मौका नहीं मिला। प्रशासन ने इस मामले में भारतीय न्याय संहिता, खान और खनिज विकास एवं विनियमन अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। बचाव कार्य के लिए एनडीआरएफ, एसडीआरएफ और विशेष टीमों को लगाया गया है। हादसे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने भी दुख जताया और मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की।
समाजवादी पार्टी के नेता अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता प्रियंका गांधी ने भी घटना की जांच और पीड़ित परिवारों को उचित मुआवजा देने की मांग की है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सीएम संगमा से बातचीत कर केंद्र की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है। प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपए और घायलों को 50 हजार रुपए देने की घोषणा की गई है। इसके अलावा मेघालय सरकार ने मृतकों के परिवारों को तीन-तीन लाख रुपए की सहायता देने का ऐलान किया है। सरकार का कहना है कि यह मदद पीड़ित परिवारों को तत्काल राहत देने के लिए दी जा रही है। हादसे के बाद लोगों में गुस्सा है। सीएम कॉनराड संगमा ने कहा है कि इस हादसे के लिए जिम्मेदार लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। सरकार अवैध खनन के खिलाफ सख्त कदम उठाने की तैयारी में है। प्रशासन ने साफ किया है कि राज्य में वैज्ञानिक खनन को बढ़ावा दिया जाएगा और सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कड़ी कार्रवाई होगी।
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