Dark Mode
  • Thursday, 06 August 2026
घुटनों पर आ रहा America, ट्रंप ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ, ईरान पर लगे प्रतिबंध भी हटाए

घुटनों पर आ रहा America, ट्रंप ने बढ़ाया दोस्ती का हाथ, ईरान पर लगे प्रतिबंध भी हटाए

वॉशिंगटन। ईरान को लेकर अमेरिका की नीति में एक साथ सख्ती और बातचीत के संकेत दिखाई दे रहे हैं। कुछ समय पहले तक सैन्य कार्रवाई की चेतावनी देने वाले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अब कूटनीतिक समाधान की बात कर रहे हैं। इसी बीच अमेरिका ने ईरान से जुड़े आतंकवाद विरोधी प्रतिबंधों में भी सीमित राहत दी है, जिससे संकेत मिल रहे हैं कि दबाव बनाए रखने के साथ बातचीत के विकल्प खुले रखे जा रहे हैं। जानकारों का मानना है कि अमेरिका को ईरान से भिड़ने में काफी नुकसान हुआ है और अब वो घुटनों पर आ गया है।
अमेरिकी वित्त विभाग के हालिया अपडेट के अनुसार, इराक की फ्लाई बगदाद एयरलाइन और उसके दो विमानों को आतंकवाद विरोधी प्रतिबंध सूची से हटा दिया गया है। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि एयरलाइन ने अपने संचालन में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं, इसलिए अब उस पर प्रतिबंध जारी रखने की जरूरत नहीं है। हालांकि, एयरलाइन के मालिक बताए गए बशीर अब्दुलकाधिम अलवान अल-शब्बानी पर प्रतिबंध अभी भी लागू रहेंगे। अमेरिका ने जनवरी 2024 में फ्लाई बगदाद और उससे जुड़े लोगों पर कार्रवाई की थी। आरोप था कि एयरलाइन ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की कुद्स फोर्स और उससे जुड़े क्षेत्रीय संगठनों को सहायता पहुंचा रही थी।


अमेरिकी अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि फ्लाई बगदाद पर प्रतिबंध हटाने का मतलब ईरान, कुद्स फोर्स या प्रतिबंधित संगठनों के प्रति अमेरिकी नीति में बदलाव नहीं है। वॉशिंगटन अब भी ईरान के परमाणु कार्यक्रम और क्षेत्रीय गतिविधियों को लेकर सख्त रुख बनाए हुए है। इसी बीच डोनाल्ड ट्रंप के बयानों में नरमी देखने को मिली है। उन्होंने कहा है कि वह किसी संघर्ष के बजाय समझौते को प्राथमिकता देंगे, क्योंकि वह लोगों की जान नहीं लेना चाहते। हालांकि, उन्होंने यह भी दोहराया कि अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने की अनुमति नहीं देगा। ट्रंप का यह रुख ऐसे समय में सामने आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु मुद्दे और मध्य-पूर्व की सुरक्षा को लेकर तनाव बना हुआ है। इससे पहले दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव की आशंकाएं बढ़ गई थीं। दूसरी ओर, ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने कहा है कि सुप्रीम लीडर मोजतबा खामेनेई से संपर्क करना फिलहाल मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि उनकी मौजूदगी देश के लिए महत्वपूर्ण ताकत है और सरकार को उनका समर्थन मिलता रहा है। मोजतबा खामेनेई के सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आने के बाद कई तरह की अटकलें लगाई जा रही थीं। हालांकि ईरानी नेतृत्व ने इन अटकलों को खारिज किया है और कहा है कि वह लिखित संदेशों के जरिए सक्रिय हैं। अमेरिका और ईरान के बीच आगे की दिशा इस बात पर निर्भर करेगी कि दोनों देश बातचीत और सुरक्षा मुद्दों के बीच किस तरह संतुलन बनाते हैं।

 

Comment / Reply From

You May Also Like

Newsletter

Subscribe to our mailing list to get the new updates!