100 साल के ऊपर हुए Japan में 1 लाख लोग.....फिर भी घट रही आबादी
टोक्यो। जापान ने लंबी उम्र के मामले में नया कीर्तिमान बनाया है, जहां 100 साल या उससे अधिक उम्र के लोगों की संख्या पहली बार 1 लाख का आंकड़ा पार कर चुकी है। स्वास्थ्य मंत्रालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, देश में अब कुल 1,07,677 व्यक्ति इसतरह के हैं जिनकी उम्र कम से कम एक सदी है। इनमें से चौंकाने वाले 88 प्रतिशत (94.3 हजार) महिलाएं हैं, जबकि पुरुषों की संख्या 13.4 हजार है। पिछले एक साल में शताब्दी पार व्यक्तियों की संख्या में करीब 8 हजार की वृद्धि दर्ज की गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, जापान में लंबी उम्र के पीछे कई महत्वपूर्ण कारण हैं, जिसमें स्वस्थ खान-पान, रोजमर्रा की जिंदगी में सक्रिय रहना, सस्ती और सुलभ स्वास्थ्य व्यवस्था तथा नियमित स्वास्थ्य जांच शामिल हैं। महिलाओं की लंबी उम्र के पीछे उनकी जीवनशैली भी बड़ा कारक है, उस पीढ़ी के पुरुषों में धूम्रपान और शराब का सेवन अधिक था और वे शारीरिक मेहनत वाले कामों में ज्यादा संलग्न थे। साथ ही, सेवानिवृत्ति के बाद महिलाएं पुरुषों की तुलना में परिवार और समुदाय से अधिक जुड़ी रहीं, जिससे उन्हें सामाजिक और मानसिक स्तर पर फायदा मिला। द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान बड़ी संख्या में जापानी सैनिकों (लगभग 23 लाख पुरुष) की मौत ने भी उस पीढ़ी में महिलाओं का अनुपात बढ़ा दिया, जो एक ऐतिहासिक वजह है।
निगाता प्रांत के तेत्सुओ सातो जैसे लोग इस बढ़ती उम्र की मिसाल हैं, जो जल्द ही 107 साल के होने वाले हैं। सुनने और देखने में कुछ परेशानी के बावजूद, सातो आज भी खुद को व्यस्त रखते हैं, वे पुराने कैलेंडर से नोटबुक बनाते हैं और द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान इंफाल की लड़ाई के अपने अनुभव सुनाते हैं। उनकी 68 वर्षीय बहू कुनिको सातो बताती हैं कि उनके ससुर बिना मदद के खुद नहाते हैं और ज्यादातर काम खुद करने की कोशिश करते हैं। उनका लक्ष्य 110 साल तक जीना है।
हालांकि, लंबी उम्र का यह आंकड़ा एक दूसरी गंभीर चुनौती के बीच आया है। 2008 में अपनी 12.8 करोड़ की अधिकतम आबादी के बाद, सरकारी अनुमानों के मुताबिक 2070 तक यह कम होकर लगभग 8.7 करोड़ रह सकती है, जिसका अर्थ है 4 करोड़ से अधिक की गिरावट आएगी। फिलहाल, जापान में हर एक बच्चे के जन्म पर लगभग दो लोगों की मौत हो रही है, जिससे कामकाजी आबादी सिकुड़ रही है और सरकार पर सामाजिक सुरक्षा व कर का बोझ बढ़ रहा है। हाल ही में 2020 से 2025 के बीच जापान की आबादी में 31 लाख की कमी आई है, जो 1920 में जनगणना शुरू होने के बाद सबसे बड़ी गिरावट है। देश के 47 प्रांतों में से 45 में आबादी घटी है, जो इस समस्या के व्यापक होने का संकेत है। इस प्रकार, जापान लंबी उम्र के जश्न और तेजी से घटती आबादी की चिंता के दोहरे मुहाने पर खड़ा है।
Tags
Comment / Reply From
You May Also Like
Popular Posts
Newsletter
Subscribe to our mailing list to get the new updates!