IndiGo पर 22 करोड़ का जुर्माना, सीनियर वाइस प्रेसिडेंट हटाए गए
एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में बड़े पैमाने पर व्यवधान का मामला
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने दिल्ली हाई कोर्ट को सूचित किया है कि दिसंबर 2025 की शुरुआत में देश की प्रमुख एयरलाइन इंडिगो की उड़ानों में बड़े पैमाने पर व्यवधान के मामले में एयरलाइन पर 22 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया गया है। सरकार ने यह भी कहा कि एयरलाइन के सीनियर वाइस-प्रेसिडेंट (ओसीसी) को सभी परिचालन संबंधित जिम्मेदारियों से हटा दिया गया है और उन्हें कोई नई जिम्मेदारी नहीं दी जाएगी। नियामक ने एयरलाइन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीओओ) को विंटर शेड्यूल 2025 और संशोधित एफडीटीएल नियमों का प्रभावी आकलन न करने के कारण चेतावनी जारी की। इसके अलावा, फ्लाइट ऑपरेशंस के डिप्टी हेड, क्रू रिसोर्स प्लानिंग के एवीपी और फ्लाइट ऑपरेशंस के निदेशक को मानव संसाधन नियोजन, रोस्टर मैनेजमेंट और निगरानी में चूक के लिए चेतावनी दी गई। इंडिगो को निर्देश दिया गया है कि वह अपनी आंतरिक जांच में दोषी पाए गए किसी भी अन्य कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई करे और डीजीसीए को अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
साथ ही दीर्घकालिक नियम पालन सुनिश्चित करने के लिए एयरलाइन को 50 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी जमा करने का आदेश दिया गया। अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल चेतन शर्मा ने न्यायालय को बताया कि एयरलाइन के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को भी चेतावनी दी गई है। दिल्ली हाई कोर्ट में यह मामला जनहित याचिका के रूप में चल रहा है। सरकार ने अपनी जांच रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में अदालत को सौंप दी। संक्षिप्त सुनवाई के बाद अदालत ने दो सप्ताह में केंद्र सरकार को हलफनामे के जरिए अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया। अगली सुनवाई 25 फरवरी को होगी।
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