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  • Tuesday, 22 September 2026
पुतिन जंग रोकना चाहते हैं, लेकिन यूक्रेन नहीं: Trump

पुतिन जंग रोकना चाहते हैं, लेकिन यूक्रेन नहीं: Trump

वॉशिंगटन। यूक्रेन के राष्ट्रपति व्लादिमीर जेलेंस्की के साथ होने वाली महत्वपूर्ण द्विपक्षीय बैठक से ठीक पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तेवर काफी सख्त नजर आए हैं। दोनों नेताओं के बीच संयुक्त राष्ट्र महासभा की बैठक के दौरान न्यूयॉर्क में होने वाली इस मुलाकात से पहले ट्रंप ने रूस-यूक्रेन युद्ध को लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी और सीधे तौर पर जेलेंस्की पर ही निशाना साधा। ट्रंप का कहना है कि वे इस भीषण युद्ध को दस साल तक चलते हुए नहीं देखना चाहते हैं, क्योंकि पिछले कुछ ही हफ्तों में हजारों बेकसूर लोगों की जान जा चुकी है और अब इस खून-खराबे को रोकने पर तत्काल ध्यान केंद्रित किया जाना चाहिए। अमेरिकी राष्ट्रपति के मुताबिक, उनका यह आकलन है कि रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन इस संघर्ष को समाप्त करना चाहते हैं, जबकि इसके विपरीत यूक्रेनी नेतृत्व इस लड़ाई को और अधिक लंबा खींचने की मंशा रखता है।


ट्रंप की नाराजगी की एक सबसे बड़ी और मुख्य वजह रूसी तेल रिफाइनरियों पर यूक्रेन द्वारा लगातार किए जा रहे हमले हैं, जिन्हें रोकने के लिए उन्होंने फोन पर बातचीत के दौरान जेलेंस्की पर भारी दबाव भी बनाया था। अमेरिकी राष्ट्रपति का साफ तर्क है कि रूस के ऊर्जा और डीजल रिफाइनरी ठिकानों पर लगातार हो रहे इन हमलों की वजह से वैश्विक बाजार में पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर अत्यधिक दबाव बढ़ रहा है, जिसका सीधा असर आम जनता पर पड़ रहा है। हालांकि ट्रंप की इन चेतावनियों के बावजूद यूक्रेन ने अपने हमलों को कम नहीं किया और रविवार को भी मॉस्को तथा अन्य ऊर्जा प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर जोरदार हमले जारी रखे, जिससे दोनों नेताओं के बीच तनाव और गहरा गया है। इसके बावजूद, कड़े बयानों और असहज माहौल के बीच न्यूयॉर्क में दोनों नेताओं की यह मुलाकात तयशुदा कार्यक्रम के तहत हो रही है, जिसे कूटनीतिक हलकों में काफी अहम माना जा रहा है। यूक्रेनी राष्ट्रपति जेलेंस्की का कहना है कि यह बातचीत वर्तमान परिस्थितियों को काफी हद तक बदल सकती है और उनका देश ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा तथा नागरिकों की जान बचाने के मुद्दों पर गंभीर कदम उठाने के लिए पूरी तरह तैयार है। दूसरी तरफ, यूक्रेन के मुख्य वार्ताकारों का भी यह मानना है कि अब शांति वार्ताओं में कई छोटे मुद्दों के बजाय केवल कुछ ही बड़ी अड़चनें बची हैं, जिन्हें दूर करने के लिए अमेरिका की मध्यस्थता में तनाव कम करने और कूटनीतिक रास्ते तलाशने के प्रयास लगातार जारी हैं।

 

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