ग्लेशियर झील फटने से सबसे ज्यादा मौतें होती है भारत में: Report
काठमांडू। संयुक्त राष्ट्र के नेतृत्व में विशेषज्ञों द्वारा तैयार एक अध्ययन में चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। रिपोर्ट के अनुसार, हिंदूकुश हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियर झील के फटने से आने वाली विनाशकारी बाढ़ यानी ग्लेशियर लेक आउटबर्स्ट फ्लड से सबसे अधिक लोगों की मौत भारत में हुई है। ताजा अध्ययन के अनुसार, घटनाओं की संख्या के मामले में भारत तीसरे स्थान पर है, लेकिन मौतों और विस्थापन के मामले में स्थिति सबसे गंभीर पाई गई है। ‘हिंदूकुश हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियल झील के फटने से आने वाली बाढ़ का जोखिम, उससे निपटने की रणनीतियां और अनुकूलन में कमियां’ विषय पर तैयार यह रिपोर्ट फिलहाल प्रकाशन-पूर्व चरण में है। इसमें वर्ष 1835 से 2025 तक हिंदूकुश हिमालय क्षेत्र में हुई ऐसी घटनाओं और उनके प्रभावों का अध्ययन किया गया है। रिपोर्ट तैयार करने में कम से कम छह देशों के विशेषज्ञ शामिल रहे। अध्ययन के अनुसार, हिंदूकुश हिमालय क्षेत्र में ग्लेशियल झील फटने की सबसे अधिक 199 घटनाएं चीन में दर्ज की गईं। इसके बाद पाकिस्तान में 152, भारत में 62 और नेपाल में 58 घटनाएं सामने आईं। हालांकि जनहानि के आंकड़े इस तस्वीर को पूरी तरह बदल देते हैं। भारत में ऐसी घटनाओं से 6,119 लोगों की मौत दर्ज की गई, जबकि पाकिस्तान में 1,991 और चीन में 625 लोगों की जान गई।
अध्ययन में भारत को ग्लेशियल झील फटने की घटनाओं से होने वाले विस्थापन के मामले में भी सबसे अधिक प्रभावित बताया गया है। बॉन स्थित संयुक्त राष्ट्र विश्वविद्यालय के पर्यावरण एवं मानव सुरक्षा संस्थान के ग्लेशियर वैज्ञानिक दिपेश छापागाईं के अनुसार, हाल के दशकों में ऐसी घटनाओं में तेजी आई है और जलवायु परिवर्तन इसका प्रमुख कारण माना जा रहा है। अध्ययन में कहा गया है कि वर्ष 1950 के बाद इन घटनाओं की आवृत्ति स्पष्ट रूप से बढ़ी है। इस अवधि में प्रत्येक दशक औसतन करीब 34 घटनाएं दर्ज की गईं, जो 1950 से पहले के औसत से लगभग पांच गुना अधिक है। रिपोर्ट के अनुसार, करीब 50 प्रतिशत घटनाओं में बर्फीले हिमस्खलन प्रमुख कारण रहे, जबकि लगभग 25 प्रतिशत मामलों में अत्यधिक वर्षा ने प्राकृतिक बांधों को तोड़ने में अहम भूमिका निभाई। करीब 70 प्रतिशत घटनाएं गर्मियों के मानसून महीनों में हुईं।
हिंदूकुश हिमालय क्षेत्र में लगभग 80 प्रतिशत ऐसी घटनाएं मोरेन और बर्फ से बनी प्राकृतिक झीलों से जुड़ी पाई गईं। हिंदूकुश हिमालय क्षेत्र अफगानिस्तान, पाकिस्तान, भारत, चीन, नेपाल, भूटान, बांग्लादेश और म्यांमार सहित आठ देशों में करीब 42 लाख वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। विशेषज्ञों ने भारत में बचाव और पूर्व चेतावनी व्यवस्थाओं को मजबूत करने की आवश्यकता पर जोर दिया है। रिपोर्ट में चेतावनी दी गई है कि बढ़ते तापमान, ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने और संवेदनशील पर्वतीय क्षेत्रों में बढ़ती आबादी के कारण भविष्य में जोखिम और बढ़ सकता है।
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