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  • Tuesday, 15 September 2026
Hyderabad में चर्चा का विषय बना शिललिंग जैसा अनोखा फूल

Hyderabad में चर्चा का विषय बना शिललिंग जैसा अनोखा फूल

हैदराबाद। यहां एक दुर्लभ और आकर्षक फूल लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है, क्योंकि इस फूल की बनावट बेहद अनोखी है। इस फूल के मध्य भाग में छोटा शिवलिंग जैसी आकृति दिखाई देती है, जबकि ऊपर की पंखुड़ियां इस तरह फैली रहती हैं कि पूरा फूल फन फैलाए नाग के समान नजर आता है। यही वजह है कि इसे धार्मिक आस्था से भी जोड़कर देखा जाता है। तेलुगु में इसे नागमल्ले पुव्वु कहा जाता है, जबकि हिंदी में नागपुष्प या शिवलिंगी फूल के नाम से जाना जाता है। वैज्ञानिक रूप से यह कैननबॉल ट्री का फूल है। इस पेड़ की एक और खासियत इसे दूसरे पेड़ों से अलग बनाती है। इसके फूल और बाद में बनने वाले गोलाकार फल डालियों पर नहीं, बल्कि सीधे पेड़ के मुख्य तने से निकलने वाले गुच्छों में लगते हैं। फल आकार और बनावट में तोप के गोले जैसे दिखाई देते हैं। जब पेड़ पर बड़ी संख्या में फूल खिलते हैं तो इसका दृश्य बेहद मनमोहक हो जाता है। आंध्र प्रदेश के तिरुमाला-तिरुपति क्षेत्र के अलावा यह पेड़ तेलंगाना और हैदराबाद में भी कई स्थानों पर देखा जा सकता है। नामपल्ली स्थित पब्लिक गार्डन्स, संजीवैया पार्क और कोंडापुर के बॉटनिकल गार्डन में इसके बड़े पेड़ मौजूद हैं।


इसके अलावा उस्मानिया विश्वविद्यालय के हरियाले परिसर और कुछ पुराने सरकारी उद्यानों में भी यह पेड़ देखने को मिलता है। हैदराबाद, सिकंदराबाद तथा तेलंगाना के कई ऐतिहासिक शिव मंदिरों के परिसरों में भी श्रद्धालुओं ने इसे आस्था के प्रतीक के रूप में लगाया है। धार्मिक मान्यताओं में इस फूल को भगवान शिव से विशेष रूप से जुड़ा माना जाता है। शिव मंदिरों में पूजा के दौरान इसे चढ़ाना शुभ माना जाता है। सावन और महाशिवरात्रि के अवसर पर भी श्रद्धालु इस फूल का उपयोग करते हैं। इसकी हल्की और मीठी सुगंध वातावरण को भी आकर्षक बना देती है। धार्मिक महत्व के अलावा आयुर्वेदिक परंपरा में इसके पत्तों और छाल का उपयोग त्वचा संबंधी समस्याओं तथा दर्द से राहत के लिए किए जाने का उल्लेख मिलता है।

 

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