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  • Wednesday, 11 February 2026
Putin से मिलना चाहता था एप्सटीन लेकिन नहीं गली दाल, रूसी अफसरों से सेटिंग का खुलासा

Putin से मिलना चाहता था एप्सटीन लेकिन नहीं गली दाल, रूसी अफसरों से सेटिंग का खुलासा

मॉस्को। कुख्यात यौन अपराधी जेफ्री एपस्टीन की अंतरराष्ट्रीय पहुंच और उसके संदिग्ध नेटवर्क को लेकर एक बार फिर सनसनीखेज खुलासे सामने आए हैं। अमेरिका के न्याय विभाग द्वारा जारी किए गए नए दस्तावेजों से यह संकेत मिलता है कि एपस्टीन रूस के शीर्ष नेतृत्व, विशेषकर राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन और विदेश मंत्री सर्गेई लावरोव तक सीधी पहुंच बनाने की जुगत में लगा हुआ था। इन दस्तावेजों के अनुसार, एपस्टीन न्यूयॉर्क में रूस के तत्कालीन संयुक्त राष्ट्र राजदूत विटाली चुरकिन के साथ लगातार संपर्क में था। वर्ष 2017 में चुरकिन की अचानक मृत्यु के बाद, एपस्टीन ने नॉर्वे के एक राजनेता के माध्यम से रूसी विदेश मंत्री लावरोव तक पहुंचने का प्रयास किया। जून 2018 के एक ईमेल में एपस्टीन ने दावा किया था कि चुरकिन उसे बेहतर समझते थे और उन्होंने अमेरिकी राजनीति के शीर्ष संवादों को भी एपस्टीन के माध्यम से समझने की कोशिश की थी। दस्तावेजों के विश्लेषण से पता चलता है कि 2013 से 2018 के बीच एपस्टीन ने कई बार राष्ट्रपति पुतिन से मिलने या उनसे बातचीत करने की कोशिशें कीं। उसने खुद को एक सलाहकार के रूप में पेश किया, जो रूस को पश्चिमी निवेश आकर्षित करने में मदद कर सकता था। एक ईमेल में उसने स्पष्ट रूप से लिखा कि यदि पुतिन उनसे मिलना चाहते हैं, तो उन्हें कम से कम दो से तीन घंटे का निजी समय देना होगा। हालांकि, अभी तक उपलब्ध किसी भी आधिकारिक दस्तावेज से इस बात की पुष्टि नहीं हुई है कि पुतिन और एपस्टीन के बीच वास्तव में कभी कोई व्यक्तिगत मुलाकात हुई थी या नहीं। इन खुलासों के बाद यूरोपीय देशों में सुरक्षा को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।

पोलैंड के प्रधानमंत्री ने सार्वजनिक रूप से ऐलान किया है कि उनका देश एपस्टीन के संभावित रूसी खुफिया संबंधों की गहराई से जांच शुरू करेगा। ऐसी आशंका जताई जा रही है कि एपस्टीन का पूरा नेटवर्क रूसी खुफिया एजेंसियों के इशारे पर संचालित या उनके द्वारा इस्तेमाल किया गया हो सकता है। दूसरी ओर, क्रेमलिन ने इन सभी दावों को पूरी तरह से निराधार बताया है। रूसी राष्ट्रपति कार्यालय के प्रवक्ता ने इन थ्योरीज़ को गंभीरता से लेने लायक नहीं बताया है। दस्तावेजों में एक और चौंकाने वाला पहलू यह सामने आया है कि एपस्टीन खुद को रूस की खुफिया एजेंसी से जुड़े अधिकारियों का करीबी दोस्त बताता था। उसने रूसी आर्थिक मंचों, निवेश सम्मेलनों और वहां के अरबपतियों तक पहुंच बनाने का दावा भी किया। सबसे गंभीर बात यह है कि एपस्टीन ने रूसी अधिकारियों से अमेरिका में कथित ब्लैकमेल की घटनाओं पर सलाह मांगी थी। 2015 के एक पत्र में उसने उल्लेख किया था कि न्यूयॉर्क में एक रूसी महिला कुछ ताकतवर व्यापारियों को ब्लैकमेल करने का प्रयास कर रही है, जो व्यापारिक हितों के लिए हानिकारक है। विशेषज्ञ मानते हैं कि ये दस्तावेज भले ही एपस्टीन को सीधे तौर पर जासूस साबित न करें, लेकिन यह निश्चित रूप से दर्शाते हैं कि वह खुद को एक जियो-पॉलिटिकल फिक्सर के रूप में स्थापित करना चाहता था, जो बड़ी शक्तियों के बीच सौदेबाजी करने में सक्षम हो।

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