सख्त हुआ ईरान: नोबेल विजेता Narges Mohammadi को सात साल की अतिरिक्त जेल
तेहरान। ईरान में मानवाधिकारों की आवाज उठाने वाली नोबेल शांति पुरस्कार विजेता नरगिस मोहम्मदी की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। जेल में बंद मोहम्मदी को अब सात साल से अधिक की अतिरिक्त जेल की सजा सुनाई गई है। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब वह पहले से ही जेल में भूख हड़ताल पर हैं और ईरान सरकार देश के भीतर उठने वाली असहमति की आवाजों पर लगातार सख्ती बरत रही है। नरगिस मोहम्मदी के समर्थकों और उनके वकील मुस्तफा निली द्वारा साझा की गई जानकारी के अनुसार, मशहद की एक रिवोल्यूशनरी कोर्ट ने शनिवार को यह नया फैसला सुनाया। अदालत ने उन्हें साजिश और मिलीभगत के आरोप में छह साल और प्रोपेगेंडा फैलाने के आरोप में डेढ़ साल की सजा दी है। इस तरह उन्हें कुल साढ़े सात साल की अतिरिक्त जेल काटनी होगी। इतना ही नहीं, जेल से रिहाई के बाद उन पर दो साल का यात्रा प्रतिबंध भी लगाया गया है, जो उनकी भविष्य की गतिविधियों को सीमित करने की कोशिश माना जा रहा है। मोहम्मदी दिसंबर से ही हिरासत में हैं, जब उन्हें मशहद में एक मानवाधिकार कार्यकर्ता के सम्मान में आयोजित कार्यक्रम के दौरान गिरफ्तार किया गया था। अपने साथ हो रहे व्यवहार और जेल की स्थितियों के विरोध में उन्होंने 2 फरवरी से भूख हड़ताल शुरू कर दी है।
हालांकि, ईरानी सरकार ने अभी तक इस नई सजा की आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की है, लेकिन मानवाधिकार संगठनों ने इसे उनकी आवाज को दबाने की एक और कोशिश करार दिया है। यह फैसला एक अत्यंत संवेदनशील समय पर आया है। एक ओर ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिका के साथ बातचीत की मेज पर लौटने की कोशिश कर रहा है, वहीं दूसरी ओर क्षेत्रीय तनाव चरम पर है। अमेरिकी प्रशासन द्वारा सैन्य कार्रवाई की चेतावनियों के बीच ईरान के शीर्ष राजनयिकों ने कड़ा रुख अपना रखा है। उनका कहना है कि ईरान की असली ताकत बड़ी ताकतों के दबाव के आगे न झुकने में है। दूसरी ओर, इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की आगामी वॉशिंगटन यात्रा से पहले क्षेत्र में हलचल तेज है। हाल के महीनों में ईरान और इजरायल के बीच सैन्य टकराव और परमाणु ठिकानों पर खतरे की खबरों ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय को चिंता में डाल दिया है। ऐसे माहौल में नरगिस मोहम्मदी जैसी अंतरराष्ट्रीय हस्ती को अतिरिक्त सजा देना यह दर्शाता है कि ईरान बाहरी दबाव के बावजूद अपने आंतरिक मामलों और असहमति को कुचलने की नीति पर अडिग है।
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