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  • Wednesday, 11 February 2026
नहीं दूंगा इस्तीफा, सरकार चलाने का संकल्प मेरे ‘सार्वजनिक कर्तव्य’ से बंधा है: Starmer

नहीं दूंगा इस्तीफा, सरकार चलाने का संकल्प मेरे ‘सार्वजनिक कर्तव्य’ से बंधा है: Starmer

-एपस्टीन फाइल में मैंडेलसन का नाम आने से ब्रिटेन पीएम की मुश्किलें बढ़ी

लंदन। ब्रिटेन की राजनीति में फिर भूचाल आ गया है। पीएम कीर स्टार्मर की कुर्सी खतरे में नजर आ रही है। ये खतरा बोरिस जॉनसन से शुरू हुई थी और ऋषि सुनक तक चली थी। लेकिन, ऐसा लग रहा है कि अब पीएम स्टार्मर की भी कुर्सी खतरे में है। मैंडेलसन का नाम एपस्टीन फाइल में आने के बाद से स्टार्मर की मुश्किलें बढ़ गई हैं। दरअसल, पीएम स्टार्मर ने मैंडलसन को अमेरिका में राजदूत की नियुक्ति के लिए चुना था। तमाम विरोध और राजनीतिक प्रेशर के बावजूद स्टार्मर ने साफ कर दिया है कि वे इस्तीफा नहीं देंगे। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक ब्रिटेन में स्टार्मर के खिलाफ लोगों के बीच गुस्सा है। लोगों और विपक्ष का कहना है कि जेफ्री एपस्टीन जैसे कुख्यात अपराधी से पीटर मैंडेलसन की नजदीकी की जानकारी के बावजूद उन्होंने नियुक्ति की सिफारिश की थी। स्टार्मर ने सोमवार को 10 डाउनिंग स्ट्रीट में अपने स्टाफ को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने तमाम राजनीतिक दबाव के अपने इरादे साफ कर दिए। उन्होंने बताया कि उनका सरकार चलाने का संकल्प ‘सार्वजनिक कर्तव्य’ से बंधा है। वे इन विवादों के बीच भी देश को बदलने का काम जारी रखेंगे। स्टार्मर पर सबसे ज्यादा दबाव पीटर मैंडेलसन की नियुक्ति को लेकर है। मैंडेलसन के तार जेफ्री एपस्टीन से जुड़े होने की बात सामने आने के बाद ब्रिटिश राजनीति में तूफान आ गया। इस गलती को स्वीकार करते हुए पीएम स्टार्मर ने कहा कि मैं इस बात को लेकर बिल्कुल स्पष्ट हूं कि मुझे पीटर मैंडेलसन को नियुक्त करने के अपने फैसले पर गहरा अफसोस है। यह गलत फैसला था। मैंने इसके लिए पीड़ितों से माफी मांगी है। ये बिल्कुल सही कदम है।

स्टार्मर ने कहा कि उन्हें सबसे ज्यादा गुस्सा इस बात का है कि इस विवाद से लोगों के उस विश्वास को कमजोर हो गया है1 उन्होंने अपने स्टाफ से कहा कि हमें साबित करना होगा कि राजनीति लोगों की जिंदगी बदल सकती है। हम यहां से आगे बढ़ेंगे और आत्मविश्वास के साथ देश को बदलने का काम जारी रखेंगे। भले ही स्टार्मर ने इस्तीफा देने से इनकार कर दिया हो, लेकिन इस विवाद की गाज उनके सबसे करीबी सहयोगियों पर गिरी है। पीएम के चीफ ऑफ स्टाफ मैकस्वीनी ने रविवार को इस्तीफा दे दिया है। उन पर आरोप था कि उन्होंने एपस्टीन से लिंक होने के बावजूद मैंडेलसन का समर्थन किया था। स्टार्मर ने भावुक होते हुए कहा कि मैंने और मॉर्गन ने पिछले 8 सालों में हर राजनीतिक लड़ाई साथ लड़ी है। उनका जाना मेरे लिए व्यक्तिगत नुकसान है। पीएम के कम्युनिकेशन डायरेक्टर टिम एलन ने भी सोमवार को इस्तीफा दे दिया। स्टार्मर को अपनी ही लेबर पार्टी के सांसदों के गुस्से का सामना करना पड़ रहा है। कई सांसद दबी जुबान में यह कह रहे हैं कि पीएम को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए पद छोड़ देना चाहिए

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