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  • Monday, 02 November 2026
Trump की चेतावनी: ईरान के एक-दो परमाणु ठिकानों से अभी निपटना बाकी

Trump की चेतावनी: ईरान के एक-दो परमाणु ठिकानों से अभी निपटना बाकी

ईरान के विशालकाय पहाड़ के अंदर क्या रहस्य छिपा है, जिससे अमेरिका आशंकित
वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में जारी भारी कूटनीतिक और सैन्य तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की चेतावनी ने अंतरराष्ट्रीय जगत में फिर हड़कंप मचा दिया है। फ्लोरिडा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए ट्रंप ने सार्वजनिक रूप से कहा कि ईरान के एक-दो परमाणु ठिकानों से अभी निपटना बाकी है। उन्होंने नतांज परमाणु केंद्र के पास स्थित पिकएक्स माउंटेन का नाम लेते हुए कहा कि इस स्थान को अमेरिकी सेना निशाना बना सकती है। इस बयान के बाद यह सवाल गहरा गया है कि आखिर इस विशालकाय पहाड़ के अंदर ईरान का क्या रहस्य छिपा है, जिससे अमेरिका आशंकित है।


मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक पिकएक्स माउंटेन ईरान के इस्फहान प्रांत में स्थित एक विशाल चट्टानी पहाड़ी क्षेत्र है, जिसे कूह-ए कोलांग गज ला कहा जाता है। यह स्थान ईरान के सबसे प्रमुख यूरेनियम संवर्धन केंद्र नतांज से दो किलोमीटर दक्षिण में और तेहरान से करीब 220 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। इस ठोस ग्रेनाइट पहाड़ के अंदर ईरान ने गहरी और मजबूत सुरंगों का एक बेहद जटिल नेटवर्क तैयार किया है। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान इस भूमिगत परिसर का निर्माण अपने सबसे संवेदनशील यूरेनियम संवर्धन और सेंट्रीफ्यूज विनिर्माण इकाइयों को बाहरी हवाई हमलों से पूरी तरह सुरक्षित रखने के लिए कर रहा है।


उपग्रह से प्राप्त ताजा तस्वीरों के विश्लेषण से पता चलता है कि पहाड़ के अंदर प्रवेश करने वाले मुख्य द्वारों पर फिलहाल मिट्टी के बड़े अवरोध लगाए गए हैं, लेकिन अंतरराष्ट्रीय रक्षा विश्लेषकों और इजराइली खुफिया एजेंसियों का दावा है कि इस दुर्गम परिसर के अंदर अत्याधुनिक सेंट्रीफ्यूज उपकरण और संवर्धित यूरेनियम की खेप पहले ही पहुंचाई जा चुकी है। अमेरिकी रक्षा रणनीतिकारों के लिए सबसे बड़ी चुनौती यह है कि यह ठिकाना जमीन से काफी गहराई में और कठोर चट्टानों के बीच बना है। ऐसे में अमेरिका के पास मौजूद सबसे शक्तिशाली जीबीयू-57 बंकर बस्टर बम भी इसके मुख्य अंदरूनी ढांचों को पूरी तरह नष्ट करने में नाकाम साबित होंगे।
अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी ने अभी तक पिकएक्स माउंटेन के इस गुप्त भूमिगत परिसर का प्रत्यक्ष निरीक्षण नहीं किया है। ईरान हमेशा से यह दावा करता रहा है कि उसका परमाणु कार्यक्रम पूरी तरह से शांतिपूर्ण और ऊर्जा जरूरतों के लिए है, जबकि अमेरिका और उसके सहयोगी पश्चिमी देशों को अंदेशा है कि इस पहाड़ की आड़ में ईरान बहुत जल्द परमाणु हथियार बनाने की क्षमता हासिल कर सकता है।

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