वर्ल्ड वॉर 2 के बाद सबसे बड़ा हमला होता, लेकिन टाल दिया: Trump
वाशिंगटन। पश्चिम एशिया में बीते पांच महीनों से जारी तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बड़ा दावा कर हलचल मचा दी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका ईरान पर एक बेहद बड़े और विनाशकारी सैन्य हमले की योजना बना रहा था, जो द्वितीय विश्व युद्ध के बाद का सबसे बड़ा हमला साबित होता। हालांकि, भयंकर तबाही और व्यापक जनहानि को रोकने के लिए उन्होंने इस कार्रवाई को फिलहाल रोक दिया है। ट्रंप ने एयर फोर्स वन में पत्रकारों से बातचीत करते हुए स्पष्ट किया कि वे युद्ध के बजाय कूटनीतिक रास्ते को प्राथमिकता देना चाहते हैं, क्योंकि सैन्य संघर्ष में भारी संख्या में निर्दोष लोग मारे जाते हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति के अनुसार, दोनों देशों के बीच कूटनीतिक वार्ता की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। उन्होंने यह भी दावा किया कि सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान सहित क्षेत्र के अन्य प्रमुख सहयोगी देशों ने भी युद्ध रोकने और कूटनीति का रास्ता अपनाने का समर्थन किया है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर संकेत दिया कि क्षेत्रीय सहयोगियों के साथ एक समझौते की रूपरेखा पर सहमति बन गई है। इस संभावित समझौते के तहत रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज स्ट्रेट को तुरंत खोल दिया जाएगा, ताकि वैश्विक व्यापार और तेल आपूर्ति सामान्य हो सके।
ट्रंप ने कहा कि वे एक ऐसा समझौता पसंद करेंगे जो ईरान के एक सफल और समृद्ध राष्ट्र के रूप में अस्तित्व को भी बनाए रखे, बशर्ते जल्द ही कोई ठोस और सर्वमान्य हल निकल आए। हालांकि, अमेरिका की ओर से आई इस कूटनीतिक पहल और बयानों पर ईरान ने बेहद सतर्क रुख अपनाया है। ईरान के रक्षा मंत्री ने अमेरिकी रुख पर कड़ा अविश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि उनका देश ट्रंप की इन हालिया घोषणाओं से न तो चकित है और न ही अपनी सुरक्षा को लेकर कोई ढिलाई बरत रहा है। ईरानी रक्षा नेतृत्व का कहना है कि अमेरिका की ओर से लगातार मिल रही धमकियों और अनिश्चित बयानों के बीच उनकी सेना पूरी तरह से सतर्क, सजग और किसी भी स्थिति से निपटने के लिए मुस्तैद है। लगातार बदलते इस घटनाक्रम के बीच अब दुनिया की नजरें शुरू होने वाली कूटनीतिक वार्ताओं पर टिकी हैं।
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